इन दिनों लोग दिल से जुड़ी बीमारियों का तेजी से शिकार हो रहे हैं।लेकिन क्या आप जानते हैं आपके कमजोर दिल के पीछे आपका लैपटॉप और मोबाइल भी हो सकता है।चलिए जानते हैं कैसे?

मोबाइल और लैपटॉप आजकल हमारी रोजमर्रा जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं। ये उपकरण हमें एक दूसरे से बातचीत करने, काम करने, जानकारी पाने व पहुंचाने और हमारा मनोरंजन करने जैसे कई कामों में हमारी मदद करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं ये उपकरण अब हमारी स्वास्थ के दुश्मन बनते जा रहे हैं। खासकर स्क्रीन का ज़्यादा इस्तेमाल करने से युवालों के दिल पर बहुत ज़्यादा बुरा असर पड़ रहा है।ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि हाल ही में हुए पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग के सर्वे में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है।इस सर्वे में हुई जांच में मरीजों के दिल की धमनियों में 06 से 08 सेमी के ब्लॉकेज मिल रहे हैं।जबकि पांच साल पहले तक यह ब्लॉकेज 01 से 02 सेंटीमीटर के होते थे। ऐसे में हमने आकाश हेल्थकेयर की डॉक्टर सुकृति भल्ला से इस बारे में बातचीत की।उन्होंने बताया कि आखिर स्क्रीन टाइम ज़्यादा देने से आपका शरीर बीमारियों का घर क्यों बनता जा रहा है?

दिल पर पड़ता है असर

डॉक्टर कहती हैं, “आंखों पर दबाव पड़ने की वजह से दिमाग पर इसका असर होता है। दिमाग पर असर होने से दिल की धड़कनों पर भी असर पड़ता है। मोबाइल या लैपटॉप पर ज्यादा समय बिताने का मतलब है कि आप फिजिकल एक्टिविटी कम कर पा रहे हो और इससे वजन बढ़ने की समस्या होती है।वजन बढ़ने से दिल पर असर होता है।साथ ही जल्द काम निपटाने का प्रेशर, बहुत तनाव लेना। स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल से अप्रत्यक्ष रूप से सबसे ज़्यादा असर दिल की सेहत पर पड़ता है.”